तस्वीरें ::
मीनाक्षी जे

meenakshi jey work
मीनाक्षी जे

यहाँ प्रस्तुत तस्वीरें ‘पुरुष स्त्री’ शीर्षक शृंखला की हैं। यह पेंसिल-रंगों से रची कामुक चित्रों की एक शृंखला है, जो युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास के बीच का अंतर स्पष्ट करने का यत्न करती है। किशोरावस्था जीवन का वह समय है, जब लड़के अपने शरीर में अजीब से शारीरिक परिवर्तन महसूस करते हैं। वे न तो इनकी वजह समझ पाते हैं और न ही इन्हें परिभाषित कर पाते हैं। ये शारीरिक परिवर्तन उनमें अकुलाहट और भ्रम के भाव पैदा करते हैं। हालाँकि शारीरिक और मानसिक विकास की यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, फिर भी सभी पुरुष मित्रों ने स्वीकार किया है कि इस लिहाज़ से किशोरावस्था उनके लिए एक जटिल स्थिति रही। इस स्वीकारोक्ति के बावजूद उन्होंने कभी भी अपने परिवारों के युवाओं को इस बारे में बताकर किशोरावस्था में उनकी मदद नहीं की।

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मीनाक्षी जे सेंट लुइस में वाशिंगटन विश्वविद्यालय से मैकडॉनेल स्कॉलर के तौर पर मास्टर ऑफ़ फाइन आर्ट्स की पढ़ाई के बाद स्वतंत्र काम-काज में संलग्न हैं। फ़िलहाल दिल्ली में रह रही हैं। उनसे meejha@gmail.com पर बात की जा सकती है। यह प्रस्तुति ‘सदानीरा’ के 22वें अंक में पूर्व-प्रकाशित।

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