नया अंक: वर्ष 5, अंक 17

Sadaneera 17 Issue

 

 

क्रम

शरद 2017

या त्रा एं

शुरुआत
आग्नेय

हिंदी कविता
देवी प्रसाद मिश्र

बातें
संजय उपाध्याय से अमितेश कुमार

चिट्ठियां
बाबुषा कोहली

स्पैनिश कविता
रॉबर्तो बोलान्यो
अनुवाद और प्रस्तुति : उदय शंकर

ग्राफिक-गल्प
प्रमोद सिंह

आलोचना
नीलाक्षी सिंह पर वागीश शुक्ल

एकाग्र
कविताएं / सफर / जवाब / : अजंता देव

पाठ
अजंता देव की कविताएं : दीपशिखा

वृत्तांत
उस्मान खान

सुर
प्रवीण झा

पंजाबी कविता
बावा बलवंत
अनुवाद और प्रस्तुति : मोनिका कुमार

दृश्य
स्मृति सुमन

तस्वीरें
महेश वर्मा

उत्प्रेक्षा
स्कंद शुक्ल

चाबुक
शशिभूषण द्विवेदी

 

सदानीरा

हिंदी के सुनसान में घमासान की एक दुनिया हम खड़ी कर रहे हैं, क्या आप हमारे साथ हैं? अगर हां तो यहां....

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