कवितावार में एमिली डिकिन्सन की कविता ::
अनुवाद : चंद्रबली सिंह

emily dickinson poet
एमिली डिकिन्सन

मरणासन्न व्यक्तियों की चाहतें कम होती हैं, प्रिय

मरणासन्न व्यक्तियों की चाहतें कम होती हैं, प्रिय,
जल का सिर्फ़ एक छोटा-सा पात्र—
दीवार में विराम-सा लगा हुआ
एक पुष्प का मुख—निर्बाध—शांत—

शायद, एक व्यंजन, सुहृद का खेद
और यह दृढ़ विश्वास—
कोई है जो इंद्रधनुष में कोई रंग
नहीं देखेगा—
तुम्हारे चले जाने के बाद।

***

[ एमिली डिकिन्सन (10 दिसंबर 1830–15 मई 1886) अप्रतिम अमेरिकी कवयित्री हैं। चंद्रबली सिंह (20 अप्रैल 1924–6 जून 2011) की ख्याति हिंदी में एक समर्पित आलोचक-अनुवादक की रही है। यहाँ प्रस्तुत कविता वाणी प्रकाशन से साल 2011 में प्रकाशित कविता-संचयन ‘एमिली डिकिन्सन की कविताएँ’ से ली गई है।]

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