कवितावार में जेन केन्योन की कविता ::
अनुवाद : आग्नेय

जेन केन्योन

क़मीज़

क़मीज़ उसकी गर्दन को छूती है
और उसकी पीठ को सहला जाती है
वह उसके दोनों बग़ल से सरक जाती है
यहाँ तक कि वह उसके बेल्ट के नीचे चली जाती है
उसके पतलून के नीचे पहुँच जाती है
ख़ुशक़िस्मत है यह क़मीज़ !

***

जेन केन्योन (23 मई 1947 – 22 अप्रैल 1995) अमेरिकी कवयित्री और अनुवादक हैं। उनकी कविता सहज, मितव्ययी और रागात्मकता की ध्वनि से भरपूर है। वह प्रख्यात कवि डोनाल्ड हॉल की जीवन-संगिनी रहीं, जिनकी कई कविताओं का विषय जेन केन्योन स्वयं हैं। 47 वर्ष की उम्र में उनकी असमय मृत्यु ने कविता के संसार से एक ऐसी कवयित्री को छीन लिया जिसकी कविता स्त्री-चित्त की आंतरिकता की गहरी खोज करती है। आग्नेय हिंदी के समादृत कवि-अनुवादक और ‘सदानीरा’ के प्रधान संपादक हैं।

1 Comment

  1. Maya kaul January 21, 2019 at 7:02 am

    बहुत सराहनीय

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