वर्जीनिया वुल्फ के कुछ उद्धरण ::
अनुवाद : सरिता शर्मा

वर्जीनिया वुल्फ

आप जैसे ही अपनी आँखों से सौंदर्य का आनंद लेते हैं, आपका दिमाग़ आपको बताता है कि सुंदरता खोखली है और सौंदर्य ख़त्म हो जाता है।

जो भी व्यक्ति योग्य है, वह सिर्फ़ वही पढ़ता है जो उसे पसंद है, जैसा कि उसका मूड होता है, और वह अत्यधिक उत्साह के साथ पढ़ता है।

मैं मोहक भ्रमों के बीच सोती हूँ और उनके बोझ के साथ जागती हूँ।

जब मैं लिखती हूँ, तो मेरे मन में कहीं वह विलक्षण और बहुत सुखद भावना सिर उठाती है जो कि मेरा अपना दृष्टिकोण है…

लिखते हुए साधारण शब्दों का चयन करें : असंबद्ध लेखन और वाक्-पटुता से बचें—फिर भी, यह सच है, कविता आनंददायक है; सबसे अच्छा गद्य वह है जिसमें भरपूर काव्य विद्यमान है।

प्रकृति में हरा रंग एक बात है, साहित्य में हरे का अर्थ अलग होता है।

जीवन के उत्पीड़न और विनाश के चलते ऐसा होता है—हमारे दोस्त अपनी कहानियों को पूरा नहीं कर पाते।

अगर आप अपनी फ़ुरसत को खो रहे हैं, तो ख़बरदार! हो सकता है कि आप अपनी आत्मा को खो रहे हों।

हम दिव्य आत्मा के प्रवक्ता होंगे।

प्रिय पाठक, निबंध जीवित है। निराश होने का कोई कारण नहीं है।

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वर्जीनिया वुल्फ (25 जनवरी 1882-28 मार्च 1941) बीसवीं सदी के अँग्रेज़ी साहित्य की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं में से एक हैं। वह अपनी स्त्रीवादी कृतियों के लिए संसार भर में समादृत हैं। यहाँ प्रस्तुत उद्धरण हिंदी अनुवाद के लिए www.goodreads.com से चुने गए हैं।सरिता शर्मा सुपरिचित हिंदी लेखिका और अनुवादक हैं। उनके किए कुछ और संसारप्रसिद्ध लेखिकाओं के उद्धरण यहाँ पढ़ें :

अनाइस नीन
हाना आरेन्ट
सिमोन वेल
एमिली ब्रॉण्टे

1 Comment

  1. रवि भूषण पाठक November 20, 2018 at 6:32 am

    वाह।

    Reply

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