सिमोन वेल के कुछ उद्धरण ::
अनुवाद : सरिता शर्मा

Simone Weil sadaneera
सिमोन वेल

ध्यान देना उदारता का सबसे दुर्लभ और शुद्ध रूप है.

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सभी पाप खालीपन को भरने के प्रयास होते हैं.

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दर्पण में उसकी छवि को देख कर एक खूबसूरत महिला पूरी तरह से मान सकती है कि छवि उसकी ही है. एक बदसूरत महिला जानती है कि ऐसा नहीं है.

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प्यार सांत्वना नहीं है. यह प्रकाश है.

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मानव अस्तित्व इतनी भंगुर चीज है और इस तरह के खतरों से घिरा हुआ है कि मैं बिना सिहरे प्यार नहीं कर सकती हूं.

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अगर हम अपने आप में उतरते हैं, तो पाते हैं कि हमारे पास वास्तव में वही है जो हम चाहते हैं.

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हर खूबसूरत चीज शाश्वतता का संकेत है.

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भगवान के लिए प्यार तब शुद्ध है, जब खुशी और पीड़ा समान कृतज्ञता के लिए प्रेरित करती हैं.

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समुद्र हमारी नजरों में सिर्फ इस वजह से कम सुंदर नहीं हो जाता है, क्योंकि हम जानते हैं कि यह कभी-कभी जहाजों को तबाह कर देता है.

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सर्वथा शुद्ध ध्यान प्रार्थना है.

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हमें अपनी परेशानियों के गायब होने की नहीं, बल्कि उन्हें बदलने के लिए अनुग्रह की इच्छा करनी चाहिए.

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अपने प्रति करुणा सच्ची विनम्रता है.

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विज्ञान की असली परिभाषा दुनिया की सुंदरता का अध्ययन करना है.

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हर पाप खालीपन से भागने का प्रयास है.

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कल्पना और कथा हमारे वास्तविक जीवन का तीन चौथाई हिस्सा हैं.

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जिसके स्वयं के भीतर भगवान नहीं है, वह उसकी अनुपस्थिति महसूस नहीं कर सकता है.

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मैं कर सकती हूं, इसलिए मैं जिंदा हूं.

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[ सिमोन वेल (3 फरवरी 1909–24 अगस्त 1943) विश्वप्रसिद्ध फ्रांसीसी दार्शनिक और विचारक हैं. सरिता शर्मा सुपरिचित हिंदी लेखिका और अनुवादक हैं. उनसे sarita12aug@hotmail.com पर बात की जा सकती है. यहां प्रस्तुत उद्धरण हिंदी अनुवाद के लिए www.goodreads.com से चुने गए हैं.]

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